 |
|
 |
DETAIL
STORY |
 |
|
| |
| |
|
|
|
|
बचा लें जल, बचा लें जीवन गिरीश चंद्र पांडे |
|
यों तो जल की उपयोगिता संपूर्ण विश्व के लिए अपरिहार्य है| जल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती| अग्नि, पृथ्वि, जल, वायु तथा आकाश इन पंच तत्वों से निर्मित हमारे शरीर में भी 80 प्रतिशत जल मौजूद है| शरीर में जल की कमी अनेक रोगों को आमंत्रण देती है| लेकिन भारत में जल की उपयोगिता मानव जीवन के अलावा कृषि के लिए भी समान रुप से महत्वपूर्ण है| इसलिए यहां पर हम जल की उपयोगिता का आकलन मानव तथा कृषि के परिपेक्ष्य में करेंगे|
जल और जीवन
जल का कोई विकल्प नहीं है, इसकी एक-एक बूंद अमृत है| लेकिन भारत में तेज़ी से घटते जल स्रोतों से मानव के समक्ष पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है| आज भी एक-तिहाई लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं है जबकि वर्ष 2010 तक हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने का वादा किया गया है|वैश्विक तपन तथा जलवायु परिवर्तन की वजह से तेजी से पिघलते ग्लेशियर भी आने वाले खतरे का संकेत दे रहे हैं| काफ़ी हद तक जल के दुरूपयोग ने भी समस्या को बढाया है| यही नहीं, पेयजल की गुणवत्ता भी यथेष्ठ नहीं है| इसीलिए वर्ष 2010 के जल दिवस का विषय है- पेयजल की गुणवत्ता| एक अनुमान के अनुसार हर दिन दुनिया भर के पानी में 20 लाख टन सीवेज, औधौगिक और कृषि क़चरा डाला जाता है| संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, हर साल हम 1,500 घन किमी पानी बर्बाद करते हैं| दुनियाभर में 2.5 अरब लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है| पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण है - जलजनित बीमारियां| युध्द सहित सभी तरह की हिंसाओं से मरने वाले लोगों से कहीं ज्यादा लोग हर साल असुरक्षित पानी पीने से मर जाते हैं| दुनियां में सालना होने वाली कुल मौतों में से 3.1 प्रतिशत मौंतें जल की साफ़ - सफ़ाई न होने से होती है| असुरक्षित पानी से होने वाली बीमारी डायरिया से हर साल चार अरब मामलों में 22 लाख मौतें होती हैं| भारत में बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण यही बीमारी है| हर साल क़रिब पांच लाख बच्चे इसका शिकार बनते हैं| भूजल पर आश्रित दुनिया में 24 प्रतिशत स्तनधारियों और 12 फ़ीसदी पक्षी प्रजातियों के विलुप्त हो जाने का खतरा है, जबकि एक-तिहाई उभयचरों पर भी तलवार लटकी है| |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
 |

|
Regional Languages
|
 |
|
|
 |
|
नियमित
लेख |
|
झरोखा जम्मू कश्मीर का : कश्मीर में रोमांचकारी पर्यटन |
जम्मू-कश्मीर विविधताओं और बहुलताओं का घर है| फुर्सत के पल गुजारने के अनेक तरकीबें यहाँ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए बेशुमार है| इसलिए अगर आप ऐडवेंचर टूरिस्म या स्पोर्ट अथवा रोमांचकारी पर्यटन में रूचि रखते हैं तो जम्मू-कश्मीर के हर इलाके में आपके लिए कुछ न कुछ है.
|
|
|
 |
|
 |
 |