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| पृष्ठ कथा |
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| अनंत काल से, एक - दूसरे से दूर देशों और.... |
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अग्र लेख
मुक्त व्यापार समझौते और भारत
विपुल चटर्जी
जोसेफ जार्ज
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मुक्त व्यापार समझौते और भारत
विपुल चटर्जी
जोसेफ जार्ज
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अनेक देश मुक्त व्यापार समझौतों ...
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भारत का हस्तशिल्प निर्यात
विजय ठाकुर |
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भारत का हस्तशिल्प क्षेत्र जो ग्रामीण ...
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भारत से निर्यात संभावनाएं
संजय तिवारी |
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दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्था...
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कृषि निर्यात
संदीप दास
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साधारण शुरुआत के बाद भारत..
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भुगतान संतुलन की प्रवुत्तियां और चुनौतियां
जोमोन मैथ्यू |
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भुगतान संतुलन (बीओपी)..
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सवाल मजदूरों के पोषण और स्वास्थ्य रक्षा का |
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भूमंडलीकरण के दौर ने चीजों को काफी बदल दिया है| इसने सबसे बड़ा बदलाव आर्थिक कामकाज के पुराने वर्गीकरणों को बेमानी करने और कायदे-कानूनों को दरकिनार करने का किया है| इसमें कौन उधोग सरंक्षित सूची में है कौन खुली सूची में, किसे लघु और सूक्ष्म बताया जाए और किसे बड़ा, यह वर्गीकरण धूमिल हो चुका है| लघु और सूक्ष्म उधोगों के लिए आरक्षित सूची छोटी होती-होती समाप्ति पर है, तो अब श्रम कानून और बाकी कायदों को लागू करना-कराना प्राथमिकता से हट गया लगता है| असंगठित और कमजोर हैसियत का होने के कारण छोटे उधोगों की आवाज भी दिनोंदिन गुम होती जा रही है| संभव है इनमें से काफी का कामकाज बड़ा हो गया होगा, पर मैदान में नये आने वाले उसमें ज्यादा ही होंगें|
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