अंक : May 2015
  अवसंरचना और पर्यटन विकास
- मनोज दीक्षित
  हमारे विशाल देश में पर्यटन के विकास व विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में सबसे बड़ी जरूरत है पर्यटन सेवाओं को ..
  पर्यटक ई-वीजाः आसान हुई पर्यटकों की राह
- नानू भसीन ,नवनीत कौर
  अब 40 से अधिक देशों के लिए ई-पर्यटक वीजा उपलब्ध है, लेकिन चीन, ब्रिटेन, स्पेन, इटली और मलेशिया जैसे कई देशों के लिए अभी इसे चालू किया जाना है, ....
  भारत में पर्यटन विकासः चुनौतियां व संभावनाएं
- कंचन शर्मा
  भारत जैसे सांस्कृतिक, भौगोलिक विविधता वाले देश में पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं। हालांकि इस रास्ते में ....
  पर्यटन उद्यमिताः संभावित क्षेत्र
- जी. अंजनेय स्वामी
  पर्यटन अपने आप में एक अप्रतिम उत्पाद है। इसलिए इसमें पैकेजिंग और विपणन की तमाम संभावनाएं मौजूद हैं। चूंकि यह क्षेत्र अभी भारत में ...
  पर्यावरण, पारिस्थितिकी और पर्यटन
-धीप्रज्ञ द्विवेदी
  सामान्यतः मनुष्य की हर गतिविधि पर्यावरण पर कुछ-न-कुछ प्रभाव जरूर छोड़ता है और पर्यटन भी इससे अछूता नहीं है। इन दिनों इको-टूरिज्म ..
संपादकीय
 
 

सैर कर दुनिया की गाफिल...

यह दुनिया एक किताब जैसी है और जो लोग जीवन में यात्रा नहीं करते वे इसका सिर्फ एक पन्ना पढ़ पाते हैं। संत आगस्टीन का यह कथन वाकई पर्यटन की आत्मा को दर्शाता है और एक गतिशील देश के रूप में भारत दुनिया भर के पर्यटकों के लिए ढेर सारे अवसर प्रदान करता है। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक इमारतें, विरासत स्थल, ढेर सारी विविधताएं, देश का रंग-बिरंगा स्वरूप, सतरंगी संस्कृति, खान-पान और धार्मिक स्थलों में पर्यटन की असीम संभावना छुपी हुई है। हाल के दशक में यहां तक कि शिक्षा और चिकित्सा पर्यटन, एडवेंचर, ग्रामीण और इको-टूरिज्म ने भी भारतीय पर्यटन उद्योग में नए आयाम जोड़े हैं। सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि घरेलू पर्यटन में भी कई गुणा इजाफा हुआ है। हाल में जो आंकड़े सामने आए हैं उससे पता चलता है कि पिछले दशक में भारत में पर्यटन क्षेत्र ने अद्भुत विकास किया है और सकल घरेलू उत्पाद में 6.6 फीसदी का योगदान दिया है।

 

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अवसंरचना और पर्यटन विकास
-मनोज दीक्षित

हमारे विशाल देश में पर्यटन के विकास व विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। इस दिशा में सबसे बड़ी जरूरत है पर्यटन सेवाओं को उत्पाद के तौर पर मान्यता देने की और बेहतर पैकेजिंग के साथ उसे पेश करने की। परिवहन, आवासन, खान-पान और तमाम उद्योगों को पर्यटन उद्योग के विकास के साथ ही बाई-प्रोडक्ट के तौर पर सफलता मिल जाएगा। भारत का पर्यटन क्षेत्र एक ऊंची छलांग लगाने के मुहाने पर खड़ा है। उपरोक्त तमाम सहउत्पाद अवसंरचना क्षेत्र से जुड़े हैं और अवसंरचना विकास पर मौजूदा सरकार का जोर भी है। ऐसे में बेहतर कल की उम्मीद तो की ही जा सकती है।
पर्यटन एक जटिल उपभोक्ता अनुभव है जो उन प्रक्रियाओं से निर्धारित होता है जिसे पर्यटक बहुत सारी सेवाओं के दौरान अनुभव करता है (इसमें सूचनाए, संबंधित मूल्य, परिवहन, रहने की सुविधा) और आकर्षक सेवाएं शामिल हैं (गुन, 1988)।


 

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झरोखा जम्मू कश्मीर का : कश्मीर में रोमांचकारी पर्यटन
जम्मू-कश्मीर विविधताओं और बहुलताओं का  घर है| फुर्सत के पल गुजारने के अनेक तरकीबें यहाँ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए बेशुमार है| इसलिए अगर आप ऐडवेंचर टूरिस्म या स्पोर्ट अथवा रोमांचकारी पर्यटन में रूचि रखते हैं तो जम्मू-कश्मीर के हर इलाके में आपके लिए कुछ न कुछ है.
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Last updated: Wednesday, July 01, 2009