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अनेक देश मुक्त व्यापार समझौतों के द्वारा निर्यात विस्तार के अवसर तलाश रहे है| पिछले दो दशकों के दौरान इसकी रफ़्तार बढ़ी है | घरेलू हितधारक , चाहे वे उत्पादक हों, उपभोक्ता अथवा बिचौलिये, विकासशील दुनिया में अपने हितों में तुरंत सुधार
करना चाहते है|
उनकी व्यापार उदारीकरण नीतियां आर्थिक विकास और गरीबी घटाने की नीतियों से ज्यादा से ज्यादा संबद्ध की जा रही है| नवंबर २०११ की स्थिति के अनुसार विशव व्यापार संगठन द्वारा अधिसूचित मुक्त व्यापार समझौतों
की संख्या बढ़कर 505 तक पहुंच गई है| ...
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