अंक: April 2012
 
Home     
DETAIL STORY
 
 
पृष्ठ कथा 
16 मार्च, 2012 को वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी द्वार....
  read more...
अग्र लेख

सीमित संसाधन और दीर्धकालिक विकास का खाका
कमल नयन काबरा
read more...
Articles
  सीमित संसाधन और दीर्धकालिक विकास का खाका
कमल नयन काबरा
  अगले वर्ष का ...
  केंद्रीय बजट 2012-13: कुछ पहलू
गिरीश मिश्र
  सामान्यतया केंद्रसरकारका आगामी ...
  नजर संपूर्ण कृषि विकास पर
कुलदीप शर्मा
  जिस देश की लगभग...
  एकांगी नहीं है स्वास्थ्य का सवाल
ए.के. अरुण
  वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी..
  समावेशी बजट की सच्चाई
अरविन्द मोहन
  सात साल पहले तत्कालीन ..
विकासशील देशों की भूमिका
ओ. पी. शर्मा

आर्थिक विकास की दौड़ में हमारा पारिथितिकी संतुलन बिगड़ चुका है| विश्व में आज खाधान्न संकट, ऊर्जा की कमी, आर्थिक मंदी आदि समस्याएं मुहं बाएं खड़ी हैं| इन सबका संबंध कमोबेश जलवायु परिवर्तन से भी है| प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के कारण कई प्रकृतिजन्य संकट सामने खड़े हैं|

पृथ्वी का तापमान बढ़ने से कई दीप विलुप्त हो चुके हैं एवं गंगा नदी प्रदूषित हो गई है| ओजोन परत में छेद हो जाने के कारण इसकी सूर्य की पराबैंगनी किरणों को रोकने की क्षमता घट रही है| कुल मिलाकर प्रकृति के निर्मम संहार के चलते उत्पन्न जलवायु परिवर्तन आज विश्व के समक्ष ज्वलंत और मुखर चुनौती बन गई है|

जलवायु परिवर्तन पर चिंतन करने और इससे निपटने के लिए विश्व के देश 7-18 दिसंबर, 2009 में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में इकट्ठा हुए| इस सम्मेलन में 192 देशों के लगभग 15,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया| जलवायु परिवर्तन पर यह अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन था| इसके लिए डेनमार्क के राष्ट्रपति लार्स लोक्को रासमुसेन ने सभी देशों को आगे आने का आहान किया था| इस सम्मेलन के महत्वपूर्ण विषयों में क्योटो प्रोटोकाँल में निर्धारित किए गए कार्बन उत्सर्जन कटौती के लक्ष्यों का नवीकरण तथा वर्ष 2010 के बाद की रूपरेखा बनाना शामिल किया गया था|

 
 
Regional Languages
Regional Languages
Hindi
English
Assamese
Bengali
Gujarati
Kannada
Malayalam
Marathi
Oriya
Punjabi
Tamil
Telugu
Urdu
खबरें और झलकियाँ
नियमित लेख
झरोखा जम्मू कश्मीर का : कश्मीर में रोमांचकारी पर्यटन
जम्मू-कश्मीर विविधताओं और बहुलताओं का घर है| फुर्सत के पल गुजारने के अनेक तरकीबें यहाँ हर आयु वर्ग के लोगों के लिए बेशुमार है| इसलिए अगर आप ऐडवेंचर टूरिस्म या स्पोर्ट अथवा रोमांचकारी पर्यटन में रूचि रखते हैं तो जम्मू-कश्मीर के हर इलाके में आपके लिए कुछ न कुछ है.
Copyright © 2008 All rights reserved with Yojana Home  |  Disclaimer  |  Contact